संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का सैलाब फिर प्रवाहित होने को तैयार है। कल 3 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेले के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचने को तैयार हैं, लेकिन शहर का मुख्य द्वार प्रयागराज जंक्शन सख्त नियमों के साथ यात्रियों का स्वागत करेगा। सिविल लाइंस साइड से प्रवेश बंद होने से यात्रियों को नया एकल दिशा मार्ग लेना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य पौष पूर्णिमा स्नान की भारी भीड़ को नियंत्रित करना है।
माघ मेला 2026 के लिए जंक्शन पर नए ट्रैफिक नियम
प्रयागराज जंक्शन, जो मेले का सबसे व्यस्त स्टेशन है, वहां अब सिविल लाइंस गेट से यात्रियों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। 2 जनवरी रात 12 बजे से 5 जनवरी तक ये प्रतिबंध लागू होगा, ताकि स्नानार्थियों की आवाजाही सुगम हो।
- एकल दिशा प्रवेश: सिर्फ बाहर जाने वाले ही सिविल लाइंस साइड इस्तेमाल कर सकेंगे।
- आने वाले यात्रियों को दूसरी साइड से एंट्री मिलेगी।
- रेलवे ने होल्डिंग एरिया और अतिरिक्त काउंटर तैयार किए हैं।
- दूसरे स्टेशनों पर व्यवस्था – प्रयागराज छिवकी: इस स्टेशन पर प्रवेश सीओडी रोड गेट से तो वहीं निकासी जीईसी रोड की ओर। नैनी जंक्शन: प्रवेश स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म-1) और निकासी द्वितीय द्वार (प्लेटफॉर्म-4) से। सूबेदारगंज: राजरूपपुर साइड से प्रवेश करके जीटी रोड सुलेम सराय की ओर निकलने की व्यवस्था की गई है।
ये इंतजाम महाकुंभ 2025 की सीख पर आधारित हैं, जहां करोड़ों लोग आए थे। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इससे जाम और दुर्घटनाएं रुकेंगी।
यूपी परिवहन निगम की तैयारी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने माघ मेले के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत –
श्रद्धालु शहर और आसपास के संगम तट तक आसानी से पहुँच सकते हैं, इसके लिए लगभग 3800 बसों की व्यवस्था की गई है। तीन अस्थायी बस स्टेशन बनाए गए हैं, ताकि मेले के प्रमुख स्थानों से बसों की आवाजाही सुगम हो सके। फाफामऊ क्षेत्र में मुख्य अड्डा एवं झूसी और दारागंज में सपोर्टिंग स्टॉप बनाया गया है। यूपी रोडवेज की इस तैयारी से यात्रियों को लंबे इंतज़ार और भीड़भाड़ से छुटकारा मिलेगा। बस सेवाएँ नियमित शहर मार्गों के अलावा विशेष रूटों पर भी संचालित होंगी।
माघ मेला 2026 की जानकारी
माघ मेला हर साल पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलता है, इस बार 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक। प्रयागराज का संगम तट लाखों कल्पवासियों का केंद्र बनता है। प्रमुख स्नान: पौष पूर्णिमा (3 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी)।
मेला क्षेत्र
पौष पूर्णिमा पर स्नानार्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रास्ता बदल दिया गया है। मेला क्षेत्र और संगम नोज तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया है। पांटून पुलों पर एकल रास्ता बनाया गया है। शुक्रवार की रात आठ बजे से मेला नो व्हीकल जोन में होगा। सिर्फ एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन यहां से गुजर सकेंगे।
- झूंसी से परेड की ओर पांटून पुल संख्या चार और छह जबकि परेड से झूंसी की ओर पांटून पुल संख्या तीन, पांच और सात का उपयोग करेंगे।
- संगम नोज पर वाहन पार्किंग जोन नहीं है। प्रशासन ने अपील की है की श्रद्धालु व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। वाहन पांटून पुल एक एवं दो को रिजर्व रखा गया है।
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