उत्तर प्रदेश सरकार ने अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच प्रयागराज डिवीजन में बाढ़, प्राकृतिक व मौसम-संबंधित आपदाओं के कारण जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उन्हें करीब ₹20.68 करोड़ का मुआवज़ा वितरित किया है। यह मदद डिजिटल तकनीक और तेज़ प्रक्रिया के ज़रिए सीधे बैंक खातों में भेजी गई।
प्रयागराज डिवीजन आपदा मृत्यु मुआवजा
इस दौरान प्रयागराज डिवीजन में कुल 523 मौतें दर्ज हुईं, जिनमें बाढ़, डूबने और मौसम संबंधी अन्य घटनाएं शामिल रहीं। हर मृतक के परिवार को औसतन 4 लाख रुपये की सहायता दी गई, जो सरकारी नियमों के मुताबिक है। कुल 20.68 करोड़ रुपये का यह वितरण डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) से किया गया।
ऑनलाइन पोर्टल और डिजास्टर मैनेजमेंट ऐप ने प्रक्रिया को तेज बनाया। आवेदन से मंजूरी तक सब कुछ डिजिटल रहा, जिससे देरी कम हुई। लगभग 40% मामलों में 24-48 घंटों में पैसा खाते में आ गया।
जिलेवार मौतें और मुआवज़ा
डिवीजन के चार जिलों में नुकसान का वितरण कुछ इस प्रकार हुआ –
| जिला | मौतें | वितरित मुआवजा |
| प्रयागराज | 170 | ₹6.80 करोड़ |
| फतेहपुर | 140 | ₹5.60 करोड़ |
| प्रतापगढ़ | 113 | ₹4.50 करोड़ |
| कौशांबी | 94 | ₹3.76 करोड़ |
प्रयागराज जिले में सबसे ज्यादा 170 मौतें हुईं, जहां गंगा-यमुना के किनारे बसे गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बाकी जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से तबाही मची।
मुआवज़ा प्रक्रिया में डिजिटल क्रांति
पहले राहत पहुंचाने में महीनों लग जाते थे, लेकिन अब सिस्टम बदल गया। गांव के लेखपाल से लेकर तहसीलदार, ADM तक वेरिफिकेशन चेन ऑनलाइन हो गया। ट्रैकिंग भी आसान, परिवार खुद पोर्टल पर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
- आवेदन: मोबाइल ऐप से तुरंत
- वेरिफिकेशन: 24 घंटे में पूरा
- भुगतान: DBT से सीधा खाते में
- पारदर्शिता: सभी डेटा सार्वजनिक
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