प्रयागराज के नैनी में एक वृद्धाश्रम ने एक बुजुर्ग महिला को आश्रय दिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके अपनों तक पहुंचाया। दिल्ली की सुमति दादी, जो पिछले ढाई साल से लावारिस घूम रही थीं, आखिरकार अपने नाती दीपक के आंसुओं में समा गईं।
सुमति दादी की लंबी खोज
दिल्ली के लाजपत नगर निवासी 70 वर्षीय सुमति को जून 2023 में झारखंड के कोडरमा जाने वाली ट्रेन में सवार किया गया था। लेकिन प्रयागराज गलती से उतर गईं। मानसिक समस्याओं के कारण घर का पता तक नहीं बता पाईं। उन्हें प्रयागराज जंक्शन पर पुलिस ने लावारिस हालत में नैनी आधारशिला वृद्धाश्रम भेजा। ढाई वर्ष तक यहीं रहें।
नाती दीपक और उनकी पत्नी डॉ. पूजा बुधवार को वृद्धाश्रम पहुंचे। तीनों की आंखें नम हो गई। सुमति दादी शाम को ट्रेन से दिल्ली लौट गईं। दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने वाले दीपक ने बताया कि उनकी नानी कैंसर से उबर चुकी हैं। नाना राम अवतार झारखंड में रहते हैं। 6 महीने पहले नैनी में रिश्तेदारों की शादी के दौरान व्हाट्सएप पर फोटो शेयर हुई। फिर वृद्धाश्रम के फेसबुक, इंस्टाग्राम और वेबसाइट चेक की। वीडियो में सुमति दादी दिखीं तो निदेशक शशांक गोस्वामी से संपर्क हुआ।
प्रयागराज वृद्धाश्रम पुनर्मिलन, कैसे पहुंची दादी नैनी?
सुमति दादी जून 2023 में जब दिल्ली से झारखंड जा रही तो प्रयागराज में ही उतर गईं। मानसिक बीमारी के कारण वो अपना पता नहीं बता सकी। पुलिस फिर उन्हे आधारशिला वृद्धाश्रम में ले गए थे। दीपक ने बताया की 6 महीने पहले वो किसी रिश्तेदार की शादी में नैनीआए थे। तो यहाँ पर नानी के गायब होने के चर्चा हुई। इसके बाद रिश्तेदारों ने आधारशिला वृद्धाश्रम की सोशल मीडिया साइट्स शेयर की। जब वृद्धाश्रम के कार्यक्रम में दादी का चेहरा मैच किया तो यहाँ के निदेशक से संपर्क किया गया।
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