क्या आपने कभी सोचा है कि आपके नाम पर खुला हुआ एक “बैंक खाता” आपकी ही परेशानी बन सकता है? हाल ही में, प्रयागराज में ऐसा ही हुआ, जहाँ पुलिस ने एक साइबर ठग गिरोह को पकड़ा है। ये आरोपियों ने फर्जी करंट अकाउंट बनाकर और दूसरे डिजिटल जालसाजी के तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
फर्जी बैंक खाता ठगी करने वाले शातिर ठग गिरफ्तार
बुधवार (3 दिसंबर 2025) को तीन आरोपियों को पोलो ग्राउंड में पुलिस स्टेशन सिविल लाइन्स और प्रयागराज़ साइबर सेल की एक टीम ने गिरफ्तार किया। आलोक रंजन गौरव, शुभमन कन्नौजीय (दोनों प्रयागराज निवासी) और पार्श्व शर्मा (जम्मू-कश्मीर निवासी) गिरफ्तार आरोपियों में थे। पूछताछ से पता चला कि ये लोग फर्जी फर्मों के नाम पर चालू बैंक खाते खोलते थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी या मनी-लॉन्ड्रिंग करने के लिए किया जाता था। इन खातों में लगभग ₹2.80 करोड़ का लेन-देन होने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, चेक-बुक, एटीएम कार्ड, सिम-कार्ड, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बैंक खाता खोलने के फॉर्म, विभिन्न कंपनियों के मुहर और एक कार जब्त किए गए। साथ ही कुछ दस्तावेज और सामान में शामिल थे। पुलिस ने NCPR (National Cybercrime Reporting Portal) पर मिली रिपोर्ट के आधार पर सक्रिय जांच की।
सारांश
हाल ही में प्रयागराज में गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि साइबर ठगी अब सिर्फ बड़े शहरों या ऑनलाइन ही नहीं है। हमारे आसपास, आम लोगों के निकट हो रही है। ठगों के लिए नकली बैंक खाते, दस्तावेज, सिम-कार्ड और पासबुक भी हथियार बन गए हैं।
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