प्रयागराज एंटी करप्शन यूनिट(ट्रैप टीम) की कार्रवाई ने पिछले 19 महीनों में 27 सरकारी कर्मचारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिससे एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। इनमें 20 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो जनता की सेवा की बजाय रिश्वतखोरी में शामिल पाए गए।
भ्रष्टाचार पर प्रयागराज एंटी करप्शन की कार्रवाई
कानून कायम करने का प्रयास: एंटी करप्शन यूनिट ने थाने से लेकर विद्युत, आबकारी और लोक निर्माण विभागों तक रिश्वतखोरी को रोकने के लिए ट्रैप ऑपरेशन को तेज कर दिया है।
मुख्य गिरफ्तारी और घटनाएं:
- करछना थाने के दरोगा ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
- आबकारी विभाग के वरिष्ठ सहायक को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
- तहसील कार्यालय, बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग के कई कर्मचारी भी रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए।
आय से अधिक संपत्ति के मामले: कुछ गिरफ्तार कर्मचारियों पर गैरकानूनी आय सहित संपत्ति अर्जित करने की जांच भी चल रही है।
टीम ने यह भी कहा कि जनता शिकायतों के बावजूद शिकायत नहीं करती, जिससे कुछ शिकायतें अभी भी लंबित हैं। टीम लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर रही है।
सारांश
प्रयागराज एंटी करप्शन यूनिट की कार्रवाई भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 19 महीने में विभिन्न विभागों में 27 गिरफ्तारियां और 20 पुलिसकर्मी सहित साफ-सफाई अभियान से साफ है कि प्रशासन भ्रष्टाचार को गंभीरता से ले रहा है। लेकिन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए आम लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।प्रयागराज मौसम से जुड़ी अपडेट जानिए।

